राजसमंद में ‘समय बोलता है’ पुस्तक का लोकार्पण — वरिष्ठ साहित्यकारों के पत्रों का अनमोल संकलन
राजसमंद में राजस्थान साहित्यकार परिषद द्वारा आयोजित भव्य साहित्यिक समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार श्री कमर मेवाड़ी की बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘समय बोलता है’ का लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम में साहित्य जगत के अनेक प्रमुख रचनाकार, कवि, कथाकार और आलोचक उपस्थित रहे। कवि और आलोचक डॉ. नरेंद्र निर्मल ने पुस्तक में लिखे अपने आमुख का उल्लेख करते हुए बताया कि यह कृति कमर मेवाड़ी और संबोधन परिवार के साथ जुड़े अनेक लेखकों के पचास वर्षों के साहित्यिक अनुभवों, पत्राचार और संवादों का सजीव दस्तावेज है। पुस्तक में देश के प्रमुख साहित्यकारों— विष्णु चंद्र शर्मा, मणि मधुकर, आलोक मेहता, राजेंद्र यादव, हेतु भारद्वाज, स्वयं प्रकाश, ओम थानवी, राजी सेठ, कमलेश्वर, कुबेर दत्त, विभूति नारायण, डॉ. गोपी नाथ शर्मा, नंद चतुर्वेदी, बलराम, भगवान सिंह —के आत्मीय और दुर्लभ पत्र शामिल हैं, जो इसे एक अद्वितीय संग्रह बनाते हैं। राजस्थान साहित्यकार परिषद के अध्यक्ष त्रिलोकी मोहन पुरोहित ने कहा कि ‘समय बोलता है’ पिछले 65 वर्षों के हिंदी साहित्यिक आंदोलनों और रचनात्मक यात्राओं को समेटने वाली एक ऐतिहासिक कृति है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ सिद्ध होगी। सभी साहित्यकारों ने इस अनुपम संकलन के लिए श्री कमर मेवाड़ी को हार्दिक बधाई दी।
