आज सिर्फ रात नहीं — रात्रि जागरण का विधान भी ! 💫 कहते हैं — आज की रात लक्ष्मी माता करती हैं
आज सिर्फ रात नहीं — रात्रि जागरण का विधान भी है! 💫 कहते हैं — शरद पूर्णिमा की रात लक्ष्मी माता करती हैं विचरण 🙏 जो जागता है, मां लक्ष्मी देती हैं उसे आशीर्वाद। 🌍 यह उज्जवल रात सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि अफ्रीका, इजिप्ट और लैटिन अमेरिका में भी मानी जाती है विशेष। 🌙 आयुर्वेद मानता है कि शरद पूर्णिमा की चांदनी में अमृत की वर्षा होती है। 🍚 इसी कारण आज खीर का भोग लगाकर छत पर रखने की परंपरा है। ✨ कहते हैं — चांदनी की अमृत वर्षा से खीर बनती है दिव्य और औषधीय। 🕉 श्रीनाथजी सम्पूर्ण सृष्टि का स्वामिनी युक्त स्वरूप हैं। 💖 “श्री” यानी स्वामिनी राधा जी, और “नाथ” यानी ठाकुर जी। 🌸 आज की चांदनी रात — भक्ति, सौंदर्य और समर्पण की प्रतीक है। 🌼 शरद पूर्णिमा — प्रेम और अध्यात्म का दिव्य संगम है। 🙏 आइए, श्रीनाथजी के चरणों में पूर्णिमा की उज्जवल आराधना करें।
