पैड वाले भैया जिगर वैष्णव को राष्ट्रीय सम्मान SPSS फाउंडेशन को मिला एनजीओ इम्पैक्ट अवार्ड
नई दिल्ली/राजसमंद।
महिला स्वास्थ्य और मासिक धर्म स्वच्छता पर लगातार काम कर रहे “पैड वाले भैया” के नाम से प्रसिद्ध जिगर वैष्णव और उनकी संस्था एसपी सेवा संस्थान फाउंडेशन (एसपीएसएस फाउंडेशन) को 5वें एमएचएम इंडिया समिट–2025 में प्रतिष्ठित एनजीओ इम्पैक्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि न केवल संगठन के लिए बल्कि पूरे राजसमंद जिले के लिए गर्व का क्षण है।
यह अवार्ड संस्था द्वारा महिलाओं और किशोरियों में मासिक धर्म जागरूकता, स्वास्थ्य सुरक्षा, तथा पर्यावरण-अनुकूल स्वच्छता उत्पादों को बढ़ावा देने के उल्लेखनीय प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना है।
एसपीएसएस फाउंडेशन अब तक—
• 50,000+ महिलाओं और किशोरियों तक पहुँच
• 700+ जागरूकता कार्यशालाएँ
• मासिक धर्म से जुड़ी शर्म और वर्जनाओं को तोड़ने का अभियान
• रीयूज़ेबल क्लॉथ पैड व मेंस्ट्रुअल कप के उपयोग को बढ़ावा
जिगर वैष्णव ने कहा—
“एक डिस्पोज़ेबल प्लास्टिक पैड को गलने में 400–500 साल लगते हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी हमारी ज़िम्मेदारी है।”
इसी संवेदनशीलता, सेवा और जागरूकता के कारण गाँव और शहरी क्षेत्रों की महिलाएँ उन्हें प्रेम से “पैड वाले भैया” कहती हैं—एक पहचान जो अब राष्ट्रीय स्तर पर भी दर्ज हो गई है।
सम्मान नई दिल्ली के होटल शांग्री-ला एरोज़ में आयोजित समारोह में पद्मश्री श्री एस. दामोदरन (ग्रामालय) और सुश्री प्रीति दामोदरन द्वारा प्रदान किया गया।
पुरस्कार ग्रहण करते हुए जिगर वैष्णव ने कहा—
“मासिक धर्म स्वास्थ्य पूरे समाज के सम्मान और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। हमारा लक्ष्य है—कम शर्म, अधिक जागरूकता।”
उन्होंने आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवकों का आभार जताते हुए बताया कि संस्था अब राजसमंद सहित अन्य जिलों में भी अभियान का विस्तार करेगी।
