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कोटा में 14 साल से चल रहे अवैध मवेशी डिस्पोज़ल का पर्दाफाश, वन विभाग ने गोदाम किया ध्वस्त

कोटा के वन क्षेत्र में पिछले 14 वर्षों से मृत मवेशियों के अवैध डिस्पोज़ल के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। वन विभाग ने अचानक कार्रवाई करते हुए वन भूमि पर बने कच्चे गोदाम को ध्वस्त कर दिया, जहाँ लंबे समय से बिना अनुमति के हड्डियाँ और सुखाया चमड़ा जमा किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान करीब 15 टन हड्डियाँ और चमड़ा मिट्टी में दबाकर नष्ट किया गया, ताकि इनका कोई अवैध उपयोग न हो सके।

लाडपुरा रेंज के रेंजर इंद्रेश सिंह ने बताया कि ठेकेदार के पास किसी भी प्रकार की लिखित स्वीकृति नहीं पाई गई। इस मामले में राजस्थान वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और मृत मवेशियों को ले जाने वाले वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है।

नगर निगम अधिकारियों से भी यह सवाल पूछा जा रहा है कि बिना दस्तावेज़ के ठेकेदार को यह वन भूमि कैसे उपलब्ध कराई गई। ठेकेदार पक्ष का दावा है कि उन्हें 2011–12 में मौखिक रूप से आदेश दिए गए थे, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड में ऐसी कोई पुष्टि नहीं है। यह खुलासा कोटा की वर्षों पुरानी प्रशासनिक अनदेखी और लापरवाही को भी उजागर करता है।

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