कांकरोली में दिखा मायरे का अद्भुत नज़ारा: शंभूलाल कुमावत ने 2 ऊँटगाड़ियों से भरा भात
कांकरोली में दिखा मायरे का अद्भुत नज़ारा: शंभूलाल कुमावत ने 2 ऊँटगाड़ियों से भरा भात! भारतीय संस्कृति में मायरा या भात भरने की रस्म का विशेष महत्व है, जहाँ बहन के घर विवाह के अवसर पर मामा उपहार और सामग्री लेकर आते हैं। इसी क्रम में, कांकरोली के निवासी शंभूलाल कुमावत ने अपनी बहन ऐनु देवी की पुत्रियों के विवाह के अवसर पर जो मायरा भरा, वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, शंभूलाल ने मायरे की सामग्री लाने के लिए एक अनूठा प्रयोग किया। उन्होंने न तो ट्रकों का इस्तेमाल किया और न ही अन्य आधुनिक वाहनों का, बल्कि मायरे की सामग्री को लाने के लिए दो सजी-धजी ऊँटगाड़ियों का इस्तेमाल किया। इन दोनों ऊँटगाड़ियों में विवाह से संबंधित सभी वस्त्र, गहने और अन्य आवश्यक सामग्री करीने से रखी गई थी। जैसे ही दो ऊँटगाड़ियाँ मायरे की सामग्री लेकर विवाह स्थल पर पहुँचीं, वहाँ मौजूद सभी लोग इस अद्भुत और पारंपरिक नज़ारे को देखकर अचंभित रह गए। शंभूलाल कुमावत ने यह अनूठा प्रयास करके न केवल पुरानी परंपराओं को एक नया जीवन दिया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि हम आधुनिकता के साथ अपनी जड़ों को भी याद रखें। यह अनोखा मायरा अब क्षेत्र में एक मिसाल बन गया है।
